August 4, 2020
ways to talk to children

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बच्चों से बात करने के 7 तरीके | 7 ways to talk to children.

ways to talk to children. बच्चों से बात करने के 7 तरीके

आपका बच्चा हमेशा से आपका एक प्यारा बच्चा रहा है, लेकिन अचानक आप यह महसूस करना शुरू करते है कि आपका बच्चे से बातचीत में कमी आ गई है। अगर ऐसा हुआ तब शायद आपका बच्चा आपसे अनुचित तरीके से वापस बात करना शुरू कर सकता हैं और यहां तक कि अपनी आँखों को घुमा घुमा के भी बात कर सकता हैं। हां, यह थोड़ा दिल तोड़ने वाला लगता है, लेकिन माता-पिता अपने बच्चों के साथ अच्छे रिश्ते बनाने के लिए इन स्थितियों का पता लगा सकते हैं और इन स्थितियों को ठीक से सुधार सकते हैं।

बच्चों से बात करने के 7 तरीके | 7 ways to talk to children.

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, परिभाषा में हम जानेंगे कि परिवार में बच्चों के सामने सम्मान बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है औरयहां हम इसको 7 चरणों को उजागर करेंगे।

चरण 1: बच्चे को उसी के टोन में जवाब देने से बचें।(Avoid responding in the same tone.)

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जी हां, जब आपका बच्चा आपसे उल्टा बात करता है या जुबान लड़ाता है , तो कभी-कभी शांत रहना मुश्किल होता है, लेकिन बदले में आप उसको क्या बोल रहें है कैसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे है इसका ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण है। आपको यह दिखाने की कोशिश करनी चाहिए कि सम्मान कैसे दिखाया जाए। आप चिल्ला चिल्ला कर बच्चे तो डांटते है या आप बहुत शांति से ,बहुत प्यार से उसको समझाते हैं। फैसला आपको करना है।

उसी समय, अपने बच्चे को वापस आपसे बदतमीजी से बात न करने दें। बच्चे से अच्छे व्यवहार के लिए उसको गाइड करें। अपने बच्चे को बताएं कि ऐसा बोलना या सोचना ठीक नहीं है और उसे अपने व्यवहार को सुधारने की आवश्यकता है। जब आप उनसे बात करें तो ऐसे वाक्यों का प्रयोग न करें, जैसे “चुप रहो ज्यादा मत बोलो ,” और जब भी आप बच्चे को समझा रहें हो तो उसके आँखों से आंख मिलाकर बात करें ।

बच्चों से बात करने के तरीके | ways to talk to children.

चरण 2: बच्चों की समस्या को समझने की कोशिश करें। (Try to understand the problem, childs are having.)

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यह कभी न भूलें कि आपका बच्चा अभी भी सीख रहा है कि अपने व्यवहार को कैसे नियंत्रित किया जाता है और कभी-कभी वह यह नहीं जानता कि समस्याओं का सामना कैसे किया जाता है । इसलिए, यह सामान्य है की बच्चे में धैर्य की कमी दिखाई देता है । बच्चे के बोलने के तरीके से आप यह पता लगाने की कोशिश कीजिये की उसकी समस्या क्या है। अक्सर जब कोई बच्चा माता पिता से अच्छे से बात नहीं करता है या बहुत ही कम बात करता है , तो वह क्रोध, निराशा, चोट या भय व्यक्त कर रहा होता है।

बच्चों से बात करने के तरीके | ways to talk to children.

आप सुनिश्चित करें कि आप हर दिन अपने बच्चों के साथ कुछ समय अकेले बिताएं, जिससे उन्हें आपका ध्यान , प्यार और विचार मिले। उनकी जरूरतों, आशाओं और सपनों को समझने की कोशिश करें। हो सकता है कि आपका बच्चा ब्रह्मांड का अध्ययन करने में रुचि रखता हो और आपने उसे कभी किसी तारामंडल में नहीं घुमाया हो।

चरण 3: अपने बच्चे को बताएं कि आप जानते हैं कि वह परेशान है। (Tell your child you know they are upset)

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मनोवैज्ञानिक ,”आउच” इस तरह के वाक्यों का उपयोग करने का सुझाव देते हैं। ये शब्द ऐसे लगते हैं जैसे वे चोट करने के लिए हों। आप अपने बच्चे को समझाएं की अगर वह आपसे इस तरह से बात कर रहा है तो उसको जरूर परेशान होना चाहिए।उसे इस बात का एहसास दिलाएं की वह जो बोल रहा है वो गलत है और आपको पता है की वो उस बात के कारण परेशान है।

चरण 4: परिणाम के बारे में बताएं और सम्मान की उम्मीद करें | (Show the consequences and expect respect)

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बच्चों को यह सीखना चाहिए कि विनम्र होना उनके लिए कितना फायदेमंद हो सकता है। उनके सभी बुरी बात या बुरे एक्सप्रेशन को अनदेखा नहीं किया जा सकता है। ये बात बच्चे को याद दिलाते रहें भले ही उसका मूड ख़राब हो।

आपके बच्चे को पता होना चाहिए कि हर बार जब वो आपसे अच्छे से बात नहीं करता है ,तो उसको इसका परिणाम भी पता होना चाहिए , इसलिए हमेशा अपने बच्चे से विनम्रता से पेश आएं और बताएं कि आप उनके इस तरह से बात करने के तरीके के साथ ठीक नहीं हैं। इसके अलावा, आप अतिरिक्त कार्यों को जोड़कर या टीवी या कंप्यूटर के समय में कटौती करके बुरे व्यवहार के परिणाम दिखा सकते हैं: “जब आप मुझसे इस तरह बात करते हैं, तो आपको खेलने जाने के लिए नहीं मिलेगा।” ऐसी बातों को बच्चे बहुत गंभीरता से लेते हैं। लेकिन अगर बच्चा फिरभी आपसे अच्छे से बात नहीं करता है तो आप भी उनका परिणाम जरूर सहने दें ।

चरण 5: अपने बच्चे को अपनी राय व्यक्त करने दें। (Let your child express their opinion)

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याद रखें, अगर बच्चे किसी चीज के बारे में अपनी राय व्यक्त करते हैं, तो यह अच्छा है। लेकिन ध्यान रखें की बच्चे ऐसी बात को बहुत ही दोस्ताना तरीके से आपसे शेयर कर रहा है । और बच्चे को यह भी पता होना चाहिए कि वह ये बात आपके साथ बहुत आसानी शेयर कर सकता है । जब बच्चे वास्तव में कुछ सोच रहे होते है या कुछ समझाने की कोशिश कर रहे होते हैं, तो उन्हें रोकना या उन्हें काट देना बेहतर नहीं है।

बच्चे की बातों को सुनें और ध्यान दें कि उसे किस तरह की समस्या है। आपको अपने बच्चे के साथ सहानुभूति और समझदारी दिखाना बहुत महत्वपूर्ण है, जिससे आपका बच्चा आपको दोस्त मानने लगता है।

चरण 6: यह समझने की कोशिश करें कि आपका बच्चा आमतौर पर कब आपसे ठीक से बात नहीं करता है। (Try to understand when your child usually talks rudly.)

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जब भी आपका बच्चा आपसे अच्छे से बात नहीं करता है, तो आप उसे उस समय गौर से नोटिस करें और जानने की कोशिस करें की आखिर क्यों वो आपसे ऐसे बात कर रहा है। हो सकता है कि आपका बच्चा हर दिन स्कूल से खराब मूड में वापस आता है। यह एक बड़ी समस्या को हल करने और भविष्य में खराब परिणामों से बचने की कुंजी हो सकती है।

चरण 7: बच्चों के अच्छे व्यवहार की प्रशंसा करें। (Praise good behaviour )

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हर कोई अपनी प्रशंशा सुनना पसंद करता है और आपके बच्चे कोई अपवाद नहीं हैं। यदि आप देखते हैं कि आपका बच्चा आपसे या और किसी से अच्छे से बात कर रहा है और आपको आभार प्रकट कर रहा है, तो आप उन्हें गले लगा सकते हैं, बधाई दे सकते हैं, या “धन्यवाद” भी कर सकते हैं।

लेकिन साथ ही साथ ,यह भी सुनिश्चित करें कि कही बच्चा इसका मतलब ऐसा न समझने लगे की अब वो जो भी चाहेगा वो सब उसको मिलेगा।

धन्यवाद !