December 2, 2020

क्रेडिट कार्ड कम्पनियाँ पैसा कैसे कमाती है ? How Credit Card Companies Make Money know in hindi ?

How Credit Card Companies Make Money know in hindi

क्या आप जानते है की क्रेडिट कार्ड कंपनियां पैसा कैसे कमाती है ?- हाल में ही मुझे क्रेडिट कार्ड लेने के लिए एक क्रेडिट कार्ड कंपनी का कॉल आया। लेकिन मेरे पास पहले से ही क्रेडिट कार्ड था तो मैंने क्रेडिट कार्ड लेने से मना कर दिया। उस क्रेडिट कार्ड कम्पनी का कोई एग्जीक्यूटिव मुझपे बार बार क्रेडिट कार्ड लेने के लिए दबाव बनाने लगा तो एक बार मैंने फिरसे साफ साफ मना कर दिया। कॉल समाप्त होने के बाद मैंने आश्चर्य से सोचा की हमको क्रेडिट कार्ड कम्पनियों के इतने कॉल क्यों आते है , इन कंपनियों को फायदा क्या होता है ? कैसे ये क्रेडिट कार्ड कम्पनियां पैसा कमाती है ?How Credit Card Companies Make Money ?

आपको शायद पता नहीं होगा की क्रेडिट कार्ड कम्पनियों के पास पैसा कमाने के बहुत सारे तरीके होते है। यहाँ पर हम ऐसे 10 तरीकों के बारे में जानेंगे की ये कम्पनीज पैसा कैसे कमाती हैं ?

How Credit Card Companies Make Money ?

ऐसे 10 तरीके जिससे क्रेडिट कार्ड कम्पनीज पैसा कमाती है /10 Ways Credit Card Companies Make Money

#1. Interest Rate (ब्याज दर )

ज्यादातर क्रेडिट कार्ड कम्पनीज ब्याज दर के माध्यम से पैसा कमाती है। जितना भी  outstanding balance होता है उसपे monthly ब्याज दर लागू होता है।

महीने में ब्याज दर 3% से 4% बदलता रहता है। सालाना ब्याज दर 36% से 48% होता है। इसका मतलब ये है की अगर आप dues भरने से चूकते है तो आपको बहुत ज्यादा ब्याज भरना पड़ सकता है।

तो आप जब भी कोई क्रेडिट कार्ड लेने जाये तो सबसे पहले ब्याज दर के बारे में कन्फर्म हो जाये तभी क्रेडिट कार्ड लें। आप due date से पहले ही अपना सारा अमाउंट पे कर दीजिये नहीं तो आपको बहुत सारा ब्याज भरना पड़ सकता है।

#2. Joining and Annual Fees

Joining and Annual Fees वो फीस होता है जो बैंक या क्रेडिट कार्ड कम्पनीज द्वारा क्रेडिट कार्ड अकाउंट मेन्टेन करने के लिए लिया जाता है। ये कम्पनीज द्वारा पैसा कमाने का एक अलग ही तरीका है। Joining Fees एक बार का और annual charges सालाना लगता है। Joining and Annual Fees Rs 500 से 2500 तक होती है।

#3 Late Payment Charges

अगर आप बैलेंस पेमेंट करने में देरी करते है तब आपको Late Payment Charges देना पड़ता है। Late Payment Charges अलग अलग बैंक में अलग अलग होता है। ये चार्ज outstanding amount पर लगता है। Late Payment Charge ग्राहक से पैसा लेने का एक अलग ही तरीका है और जिससे क्रेडिट कार्ड कम्पनीज पैसा कमाती है।

#4 Cash Withdrawal Charges

क्रेडिट कार्ड में ATM से भी कैश निकालने की भी सुविधा होता है। इसका मतलब आप क्रेडिट कार्ड से भी ATM द्वारा पैसा निकाल सकते है। लेकिन क्रेडिट कार्ड से पैसा निकालना फ्री नहीं होता है आपको Cash Withdrawal Charges देना पड़ता है। ये charges 2.5 % से 3% तक होता है। ये भी ग्राहकों से पैसा कमाने का एक तरीका है।

How Credit Card Companies Make Money know in hindi

जैसे की अगर आप Rs.20000 कैश निकालते है तो 2.5 % के हिसाब से भी Rs. 500 Cash Withdrawal Charges लग जाता है। ये charge कैश निकालने के date से payment date तक लागू होता है।

#5 Foreign Currency Markup Charges

How Credit Card Companies Make Money know in hindi

अगर आप किसी दूसरी currency में शॉपिंग करते है तो आपको मार्कअप शुल्क देना पड़ता है। ये शुल्क foreign currency में शॉपिंग करने पर conversion फीस लगता है ये फीस भी 2.5 % से 3.5 % होता है। ये शुल्क खरीददारी वाले दिन के exchange rate पर निर्भर करता है।

#6 Over Limit Usage Fee

कुछ क्रेडिट कार्ड लिमिट से ज्यादा भी खर्च करने की सुविधा देतीं है ,अगर आप लिमिट से ज्यादा खर्च करते है तब Rs. 500 या 2.5 % जो भी ज्यादा है वो शुल्क लगता है।

#7 Transaction Charges

शायद आपको पता नहीं होगा क्रेडिट कार्ड कम्पनीज ट्रांज़ैक्शन के आधार पर भी पैसा वसूलते है। बहुत सारे ऐसे ट्रांसक्शन होता है जिसके लिए आपको कुछ शुल्क देना पड़ता है। ये charges पेट्रोल , grocery और ऑनलाइन शॉपिंग इत्यादि पर लगता है।

जैसे की आप irtctc पर टिकट book करते है तब कुछ % शुल्क अलग से देना पड़ता है।

#8 Statement Request Fee

आजकल क्रेडिट कार्ड का स्टेटमेंट ईमेल के माध्यम से भेजा जाता है। जबकि कुछ क्रेडिट कार्ड कम्पनीज अभी भी मेलिंग एड्रेस पर स्टेटमेंट भेजती है। अगर आपको डुप्लीकेट स्टेटमेंट चाहिए तब आपको कुछ अमाउंट देना पड़ता है। ये भी पैसा कमाने का एक तरीका है।

#9 Balance Transfer Fee

अगर आप एक क्रेडिट कार्ड से दूसरे क्रेडिट कार्ड में पैसा ट्रांसफर करना चाहते है तब भी आपको कुछ शुल्क देना पड़ता है। ये फीस अलग अलग बैंक में अलग अलग लगता है। ये भी क्रेडिट कार्ड कम्पनीज को कमाने का एक अलग तरीका है।

#10 Card Reissuance Fee

मान लीजिये की आपका क्रेडिट कार्ड खो गया या चोरी हो गया या टूट गया गया तब आपको वो कार्ड फिर से बनवाना पड़ेगा जिसके लिए फिर से आपको Card Reissuance Fee पड़ता है। ये शुल्क Rs. 100 से Rs. 500 तक होता है।

हमें पूरा विश्वाश है की आपको समझ आ गया होगा की क्रेडिट कार्ड कम्पनियां ग्राहकों से कैसे पैसा कमाती है और आपको भी बार बार उनका कॉल क्यों आता है।

क्रेडिट कार्ड शुल्क और ब्याज दर एक जाल है। जिसमे उनके नियम एवं शर्तों को अच्छी तरह जानना जरूरी होता है। नहीं तो आपको बहुत अधिक फालतू का शुल्क बार बार देना पड़ सकता है।