August 4, 2020

हम सपने क्यूँ देखते है ? Science of Dreams and Lucid Dream Analysis

इस पोस्ट में हम साइंस की दुनिआ की दो बहुत ही रोचक तथ्य का बारे में जानेंगे जो की हमारे डे टू डे लाइफ से रिलेटेड है। एक्चुअली हमारे सपने से ,साइंस की सबसे बड़ी अनसुलझे रहस्यों से…….तो दो सवाल है जिसके बारे में हम जानेंगे

1 . हम सपने क्यों देखते है ?

2 . Lucid Dreamimg (सच जैसा सपना) ?

सपने तो हम सब देखते है पर क्या आपने कभी सोचा है की हमलोग सपने क्यों देखते है ,क्या आप जानते है की ये प्रश्न उन प्रश्नों में से है जिसका सटीक उत्तर विज्ञानं के पास भी नहीं है ,हालाँकि बहुत सारे थ्योरी है जिसमे से बेस्ट थ्योरी के बारे में हम जानेंगे ,ये प्रश्न इतना जटिल है की साइंस की फील्ड में इस थ्योरी को स्टडी करने के लिए एक अलग से ही ब्रांच है जिसे हम Oneirology कहते है।

ड्रीम्स को समझ पाना बहुत ही मुश्किल है ,किसी आम इंसान के लिए भी और साइंटिस्ट के लिए भी ,किसी भी एक्सपेरिमेंट में जब लोगों से पूछा जाता है की उन्होंने सपने में क्या देखा तो उनका आंसर एकदम अविश्वसनीय होता है। असल में एवरेज में हर इंसान जगने के 10 मिनट के अंदर सपने का 90% भूल चूका होता है। इसलिए जब भी आप जगते हो तब आपको सपने का बस कुछ झलक ही दीखता है और आप यद् करने की कोशिस करने लगते हो की अपने सपने में क्या देखा। जब आप सोते रहते हो तब आपकी दो ही स्टेट हो सकती है। …..

1 . REM (rapid eye movement)

2 . Non REM (non rapid eye movement)

इन दोनों में से REM स्टेज कुछ ज्यादा ही खास है क्युकी इस स्टेज में जब आप सोते रहते हो तब आपकी आंख अंदर ही अंदर दाएं और बाएं घूमती रहती है। वास्तव में आप इस मूवमेंट को देख सकते हो अगर आप कीसी सोये हुए इंसान के दिमाग की कंप्यूटर रिकॉर्डिंग करो तब। अगर आप किसी REM स्टेट में सोये हुए इंसान के दिमाग के इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी को देखो तब आप विचित्र चीजों के बारे में जानेंगे , शोध में ये पता चला की जब आप जगे हुए होते हो तब आपके दिमाग में जो एक्टिविटी चलती है बिलकुल वैसी ही हलचल आपके दिमाग में तब होती है जब आप REM स्टेट में सपना देख रहे होते हो। ये बिलकुल अजीब बात है इसका मतलब REM स्टेट में आपका दिमाग अच्छा खासा एनर्जी यूज़ करता है जबकि हम कहते है की हम अपने दिमाग को आराम दे रहे है पर वास्तव में ऐसा नहीं होता। सोते समय कुछ ऐसे केमिकल्स जैसे histamen ,serotonin इत्यादि नहीं निकलते जिसके चलते जब आप सपना देखते हो तब आप अलग अलग इमोशन्स और फीलिंग्स को महसूस कर पाते हो पर आपका शरीर नहीं हिल रहा होता है।

पर कुछ लोगों में इन केमिकल्स का बैलेन्स कभी कभी बिगड़ जाता है और जिसके कारण सोते हुए भी उनका शरीर हिलने लगता है और कुछ लोग तो नींद में चलते भी है जिसे हमलोग स्लीप वाकिंग भी कहते है। कभी कभी ऐसा भी होता है की REM स्टेट में ही कोई कोई जग जाता है लेकिन उसका शरीर नहीं हिलता और उस टाइम आपको पता भी होता है की आप जगे हुए हो पर आपका दिमाग सोचता है की आप REM स्टेट में हो जिसे हम स्लीप पैरालिसिस कहते है ,जागने के कुछ सेकण्ड बाद तक आप अपने शरीर को नहीं हिला पाते हो लेकिन लगभग 8 -10 सेकण्ड बाद आप नॉर्मल हो जाते हो ,इससे यह conclusion निकलता है की हमलोग REM स्टेट में सपना देखते है। जबकि non REM में नहीं देखते है।

अब सवाल ये है की हमलोग सपने क्यों देखते है?

दिन के समय आप जो कुछ भी करते हो वो आपके दिमाग में याददाश्त के रूप में रहता है आपका अचेत दिमाग सोते वक्त उन याददाश्त को स्कैन करता है फिर उसे व्यवस्थित करता है और उसके बीच में जो संबंध है उसे मजबूत करता है ताकि हमलोग अगले दिन उस याददाश्त को और अच्छे से इस्तेमाल कर पाए।

जैसे मान लीजिए आज आपने गिटार सीखा उस गिटार उस गिटार का यूज़ तो आप कल भी करोगे परसों भी करोगे हमेशा करोगे , हर दिन के बाद जब आप सो जाओगे तब आपका अचेत दिमाग गिटार को बजाने का जो स्किल है उसे और भी ज्यादा मजबूत कर देगा ताकि अगले दिन आप उसे और अच्छे से बजा पाओ ,और आपका अचेत दिमाग सभी जंक मेमोरी को क्लियर कर देता है ताकि आपके दिमाग में जाम ना हो। जब ये सब प्रक्रिया चल रहा होता है तब आपका सचेत दिमाग समझ नहीं पाता है की क्या हो रहा है और वो याददाश्त जब व्यवस्थित होता है तब आपको रैंडम फोटोज दिखते है और आपका दिमाग उन फोटोज से मतलब निकालने की कोशिश करता है इसलिए आपको लगता है की आपने जो सपना देखा है उसमे आपको लगता है उसका कुछ मतलब है।

बहुत बार ऐसा भी होता है की आप जो सपना देख रहे हो उसका कुछ मतलब ही ना बने ,ये तब होता है जब सपने में जो आपको फोटोज दिखता है वो बहुत ही ज्यादा रैंडम हो। पुराने ज़माने में लोग घटनाओं को सपनों से जोड़ देते थे और सोचते थे की अगर हम सपने में ये देखेंगे तो वो हो जायगा इत्यादि।

पर आधुनिक विज्ञानं ये कहता है की सपने हमारे अच्छे के लिए होता है क्युकी उस समय हमारा अचेत दिमाग याददाश्त के बीच स्ट्रांग कनेक्शन बनाने का कोशिश करता है और ये पूरी तरह से अव्यवस्थित है और इसलिए सपनो का मतलब निकालने का कोई फायदा नहीं है। तो यही था सपनो के पीछे का विज्ञानं।

दोस्तों ऐसे ही कुछ रोचक तथ्य जानने के लिए परिभाषा के साथ जुड़े रहिये ! धन्यवाद।